प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अतुल बसु, जो एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थे, का जन्म 22 फरवरी, 1898 को मयमनसिंह में हुआ था, जो उस समय बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था। मयमनसिंह शहर में बिताए उनके बचपन ने उनके भविष्य के कलात्मक प्रयासों की नींव रखी। बसु की प्रारंभिक शिक्षा नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन, मयमनसिंह शाखा से शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने कोलकाता की जुबली आर्ट अकादमी में अपने अध्ययन को आगे बढ़ाया। करियर और प्रभाव कलकत्ता विश्वविद्यालय से मिली छात्रवृत्ति ने उन्हें लंदन की रॉयल एकेडमी (1924-19fmt6) में कला का अध्ययन करने का अवसर प्रदान किया, जहाँ वे उत्तर-प्रभाववादी (post-impressionist) वाल्टर सिकर्…
अतुल बसु के कला-संग्रह का एक चार्ट, जिसे तिथि के बजाय विषय के आधार पर दर्शाया गया है। स्पोक्स (spokes) वह हैं जो उन्होंने चित्रित किया; रिंग्स (rings) वह समय है जब; और सितारों के बीच के थ्रेड्स (threads) उन संरक्षकों और स्थानों को प्रकट करते हैं जो उन्हें गुप्त रूप से जोड़ते हैं।
एटलस का प्रत्येक भाग उनके चित्रण के आधार पर कलाकृतियों को संकलित करता है: चित्र (पोर्ट्रेट), पवित्र दृश्य, पौराणिक कथाएँ और वैज्ञानिक अध्ययन। किसी क्लस्टर को शीर्ष पर लाने के लिए एक स्पोक पर क्लिक करें।
केंद्र से दूरी समय को दर्शाती है। सबसे भीतरी घेरा प्रारंभिक काल है; सबसे बाहरी घेरा अंतिम वर्ष हैं। जैसे-जैसे आप बाहर की ओर बढ़ते हैं, शैली परिपक्व होती जाती है।
रंगीन रेखाएं एक ही संरक्षक, कमीशन या विषय से जुड़े कार्यों को आपस में जोड़ती हैं। विभिन्न विषयों में संबंधित समूहों को उभरते हुए देखने के लिए किसी संदर्भ का अनुसरण करें।