रेमेडियोस वारो: विज्ञान, रहस्यवाद और अति यथार्थवाद का संगम रेमेडियोस वारो (1908-1963) बीसवीं सदी की कला जगत में एक अद्वितीय व्यक्तित्व हैं। उनकी रचनाएँ आसानी से किसी श्रेणी में बांधी नहीं जा सकतीं। हालाँकि उन्हें अक्सर अति यथार्थवादी आंदोलन से जोड़ा जाता है, लेकिन उनका दृष्टिकोण इसकी सीमाओं से परे था, जो वैज्ञानिक सटीकता, रहस्यमय प्रतीकों और एक व्यक्तिगत पौराणिक कथा को बुनता था। मारिया दे लॉस रेमेडियोस एलिसिया रोड्रिगा वारो य उरंगा का…
रेमेडियोस वारो के कलात्मक सफर के माध्यम से स्क्रॉल करें — एक-एक कलाकृति और एक-एक अध्याय के साथ — सबसे पुराने दिनांकित कार्य से लेकर अंतिम तक। प्रत्येक थंबनेल को स्वर्ण अक्ष (gold axis) पर उसके सटीक वर्ष पर अंकित किया गया है।
इस कलाकार की कोई भी दिनांकित कलाकृतियाँ उपलब्ध नहीं हैं।
रिबन को छायांकित पट्टियों में विभाजित किया गया है, जो प्रत्येक करियर अध्याय का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रत्येक अध्याय रेमेडियोस वारो की कृतियों को उनके ऐतिहासिक काल के आधार पर समूहित करता है — प्रारंभिक प्रशिक्षण, परिपक्व अभ्यास, और अंतिम वर्ष।
प्रत्येक थंबनेल को उसके सटीक निर्माण वर्ष पर अंकित किया गया है। छवि से अक्ष के सटीक बिंदु तक एक पतला सुनहरा धागा नीचे की ओर जाता है। बड़े फ्रेम कलाकार की उत्कृष्ट कृतियों को उनके क्रम के अनुसार चिह्नित करते हैं।
अक्ष के नीचे स्थित ग्रेडिएंट बार समय के साथ बदलते प्रमुख कला आंदोलनों के अनुसार अपना रंग बदलता है — प्रारंभिक काल के सुनहरे रंगों से लेकर परिपक्वता के गहरे रंगों तक। जैसे-जैसे आप स्क्रॉल करते हैं, यह धीरे-धीरे भरता जाता है।