प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- जन्म: 17 दिसंबर, 1792, सेंट जेम्स, लंदन, इंग्लैंड
- मृत्यु: 18 जनवरी, 1871, लंदन, इंग्लैंड
- माता-पिता: चार्ल्स हेयटर (लघु चित्रकार और ड्राइंग शिक्षक) और एक अज्ञात माता।
- प्रारंभिक प्रशिक्षण: जीवन के शुरुआती चरणों में रॉयल एकेडमी स्कूलों में प्रवेश प्राप्त किया। फुसेली के मार्गदर्शन में अध्ययन किया। కి
- नौसेना सेवा: 1808 में रॉयल नेवी में एक मिडशिपमैन के रूप में संक्षिप्त सेवा की, लेकिन कला अध्ययन के संबंध में मतभेद के कारण इसे छोड़ दिया।
- पारिवारिक जीवन: जब वह 15 वर्ष के थे और सारा मिल्टन 28 वर्ष की थीं, तब उनका विवाह हुआ; उनकी तीन संतानें हुईं। बाद में लुइसा कॉटी के साथ उनके संबंध बने, जिनसे उन्हें दो और बच्चे हुए। उनका घरेलू जीवन उस समय के हिसाब से काफी अपरंपरागत था।
कलात्मक विकास और प्रमुख कृतियाँ
- प्रारंभिक शैली: शुरुआत में उनका ध्यान चॉक और क्रेयॉन से बनाए गए लघु चित्रों (miniatures) और पोर्ट्रेट्स पर केंद्रित था।
- इतालवी काल (1816-1826): रोम में अध्ययन किया, जहाँ कैनोवा की शास्त्रीय शैली ने उन्हें प्रभावित किया; उन्होंने कैनोवा का एक चित्र भी बनाया। वे रोम की एकेडमी ऑफ सेंट ल्यूक के सदस्य बने।
- महत्वपूर्ण कृतियाँ:
- द ट्रायल ऑफ क्वीन कैरोलीन इन द हाउस ऑफ लॉर्ड्स (1820) – एक विशाल स्तर की कृति जो नाटकीय दृश्यों के प्रति उनके प्रेम को प्रदर्शित करती है।
- द ट्रायल ऑफ विलियम, लॉर्ड रसेल (1825) - जॉन रसेल के वंश का उत्सव मनाती कृति।
- मूविंग द एड्रेस टू द क्राउन ऑन द ओपनिंग ऑफ द फर्स्ट रिफॉर्मड पार्लियामेंट इन द ओल्ड हाउस ऑफ कॉमन्स (1833-1843) – ब्रिटिश इतिहास के एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाने वाली एक स्मारकीय कृति, जिसमें लगभग 400 पोर्ट्रेट्स प्रदर्शित हैं। इसे 1854 में सरकार द्वारा राष्ट्र के लिए खरीदा गया था।
- द कोरोनेशन ऑफ क्वीन विक्टोरिया (1838) - एक महत्वपूर्ण शाही चित्र।
- द मैरिज ऑफ क्वीन विक्टोरिया (1840) – एक अन्य महत्वपूर्ण शाही कमीशन।
- शैली: वे अपने नाटकीय संयोजन, बड़ी संख्या में पात्रों वाली विशाल कृतियों और ऐतिहासिक विषयों के प्रति अपनी रुचि के लिए जाने जाते हैं।
शाही संरक्षण और मान्यता
- शाही दरबार में नियुक्ति: अपने करियर की शुरुआत में राजकुमारी शार्लोट और प्रिंस लियोपोल्ड द्वारा 'लघु चित्र और पोर्ट्रेट पेंटर' के रूप में नियुक्त किया गया।
- प्रिंसिपल पेंटर इन ऑर्डिनरी: डेविड विल्की की मृत्यु के बाद, 1841 में उन्हें 'रानी के प्रधान चित्रकार' (principal painter in ordinary to the queen) के रूपता नियुक्त किया गया।
- नाइटहुड: ताज के प्रति उनकी सेवाओं के लिए 1841 में उन्हें नाइटहुड से सम्मानित किया गया।
- विदेशी सम्मान: उन्हें फारसी 'ऑर्डर ऑफ द लायन एंड सन' प्राप्त हुआ।
प्रभाव और विरासत
- चार्ल्स हेयटर (पिता): अपने पिता, जो एक लघु चित्रकार थे, के मार्गदर्शन में प्रारंभिक कला प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- कैनोवा: रोम में अपने प्रवास के दौरान कैनोवा की शास्त्रीय शैली से प्रभावित हुए।
- फ्रांसीसी रोमैंटिक कला: समकालीन फ्रांसीसी रोमैंटिक कला की शैली और विदेशी विषयों को आत्मसात करने का प्रदर्शन किया।
- ऐतिहासिक महत्व: उनकी विशाल ऐतिहासिक पेंटिंग्स, विशेष रूप से द मूविंग ऑफ द एड्रेस टू द क्राउन, ब्रिटिश इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं के मूल्यवान दृश्य रिकॉर्ड प्रदान करती हैं। उन्होंने संसदीय सुधार के एक निर्णायक क्षण को जीवंत किया।
- विरासत: हालांकि उन्हें रॉयल एकेडमी के लिए नहीं चुना गया था, लेकिन हेयटर ने अपने जीवनकाल में काफी पहचान और शाही कृपा प्राप्त की। उनकी कृतियाँ नेशनल पोर्ट्रेट गैलरी और रॉयल कलेक्शन सहित प्रमुख संग्रहों में सुरक्षित हैं।
उत्तरार्द्ध वर्ष और मृत्यु
- अपने उत्तरार्द्ध वर्षों में भी पोर्ट्रेट और ऐतिहासिक विषयों पर पेंटिंग करना जारी रखा।
- 1859 तक ब्रिटिश इंस्टीट्यूशन में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
- मृत्यु: 18 जनवरी, 1871 को लंदन में निधन हुआ।
