प्रारंभिक जीवन और प्रभाव
जुडिथ सिल्विया कोहेन, जिन्हें पेशेवर रूप से जुडी शिकागो के नाम से जाना जाता है, का जन्म 20 जुलाई, 1939 को शिकागो, इलिनोइस में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन उनके पिता के सक्रियतावाद और मैकार्थीवाद युग के दौरान उपजे सामाजिक उथल-पुथल से गहराई से प्रभावित था। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के इस शुरुआती अनुभव ने कालांतर में उनके कलात्मक विषयों को एक नई दिशा और गहराई प्रदान की।
कलात्मक करियर
शिकागो की कलात्मक यात्रा बहुत कम उम्र में ही शुरू हो गई थी। बचपन में उन्होंने आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में शिक्षा प्राप्त की और बाद में UCLA से फाइन आर्ट्स में स्नातक की डिग्री हासिल की, जहाँ उन्होंने 1962 में अपनी पढ़ाई पूरी की। उनके शुरुआती कार्यों की विशेषता
सहयोगात्मक कला स्थापना (collaborative art installation) कृतियाँ थीं, जो जन्म और सृजन के उन चित्रों पर केंद्रित थीं जो इतिहास और संस्कृति में महिलाओं की भूमिका का सूक्ष्मता से परीक्षण करते हैं।
प्रमुख कार्य और योगदान
शिकागो की कलात्मक विरासत में
द डिनर पार्टी एक मील का पत्थर है, जिसे ब्रुकलिन संग्रहालय के
एलिजाबेथ ए. सैकलर सेंटर फॉर फेमिनिस्ट आर्ट में स्थायी रूप से स्थापित किया गया है; इस कृति को व्यापक रूप से पहली महाकाव्य नारीवादी कलाकृति माना जाता है। इसके अतिरिक्त,
इंटरनेशनल ऑनर क्विल्ट,
बर्थ प्रोजेक्ट, पावरप्ले और
द होलोकॉस्ट प्रोजेक्ट जैसी उनकी अन्य कृतियों ने वैश्विक कला समुदाय में शिकागो के प्रभाव को और अधिक सुदृढ़ किया है।
प्रभाव और विरासत
शिकागो का कार्य दुनिया भर के सैकड़ों प्रकाशनों में शामिल किया गया है, जिसने उन्हें नारीवादी कला के एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है। 1970 के दशक में कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, फ्रेस्नो में संयुक्त राज्य अमेरिका के पहले नारीवादी कला कार्यक्रम की उनकी स्थापना ने नारीवादी कला और कला शिक्षा के लिए एक उत्प्रेरक का कार्य किया।
आगे पढ़ने के लिए संसाधन
- TopImpressionists.com पर
जुडिथ सिल्विया कोहेन | जुडी शिकागो - विकिपीडिया पर
जुडी शिकागो - TopImpressionists.com पर
द फेमिनिस्ट आर्ट मूवमेंट