एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि जन्म: राडाउटी, रोमानिया (1929) मृत्यु: 2010 विक्टर ड्लुगाच (जिन्हें बाद में अविगडोर अरिखा के नाम से जाना गया) का जन्म रोमानिया के बुकोविना क्षेत्र के राडाउटी में जर्मन भाषी यहूदी माता-पिता के घर हुआ था। उनका बचपन बुकोविना के ही चेर्नोविट्ज़ में बीता। 1941 में उनका परिवार ट्रांसनिस्ट्रिया के रोमानियाई संचालित एकाग्रता शिविरों (concentration camps) में जबरन निर्वासन का शिकार हुआ, जहाँ उनके पिता का नि
धन हो गया। अरिखा ने निर्वासन के दृश्यों को चित्रित करके जीवित रहने की कला सीखी, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस के प्रतिनिधियों को दिखाया गया था। कलात्मक विकास और शैली प्रवासन और शिक्षा: 1944 में अपनी बहन के साथ फिलिस्तीन चले गए। 1yt48 तक किबुत्ज़ माले हाहामिशा में रहे। यरूशलेम के बेज़ालल स्कूल ऑफ आर्ट में शिक्षा प्राप्त की (1946-1949)। प्रारंभिक करियर और अमूर्तता: पेरिस के इकोले डेस ब्यूक्स आर्ट्स (1949) में अध्ययन करने के ल…